हिन्दी
返回

लेख

首页

A+ A A-

返回

पठारीय शहर शिनिंग

2019-08-28 09:07:00

इधर के सालों में बहुत से देशी विदेशी पर्यटक गर्मियों में गर्मी से बचने के लिए शिनिंग जाना पसंद करते हैं। वे इस शहर में ठहरने के दौरान यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का आनन्द उठाने के साथ साथ ठंडी हवा के झोके को भी महसूस कर पाते हैं। शिनिंग शहर पूरे चीन, यहां तक की विश्व में गर्मियों से बचने वाली दुर्लभ आरामदेह जगह है। शिनिंग शहर का मौसम अत्यंत सुहावना ही नहीं, शहर के उपनगर में स्थित चार सौ वर्ष पुराना ऐतिहासिक बौद्ध धार्मिक ताल्स मठ भी देखने लायक है।

ताल्स मठ दक्षिण पश्चिम शिनिंग शहर से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वह उत्तर पश्चिम चीन का बौद्ध धार्मिक केंद्र माना जाता है। चार लाख वर्गमीटर की जमीन पर स्थित यह ताल्स मठ एक हजार से अधिक आंगनों और चार हजार पाँच सौ से अधिक भवनों से गठित संपूर्ण हान व तिब्बती वास्तु कलाओं से युक्त भवनों का समूह चीन में बहुत विख्यात है। और तो और इस मठ में भित्ति चित्र, कसीदा और घी से बनी बनाई कलाकृतियां सब से प्रसिद्ध व मूल्यवान हैं।

इस पगोड़ा मठ की स्थापना 1560 में हुई। इस तरह उस का इतिहास कोई चार सौ वर्ष पुराना है, पर अच्छे संरक्षण की वजह से वह बहुत सुन्दर दिखाई देता है। मठ के मुख्य द्वार के सामने आठ आलीशान सफेद पगोड़े खड़े हैं जो इस मठ का प्रतीक भी हैं और आकर्षण का केंद्र भी। यहां खड़े होकर आप अगर चारों ओर नजर दौड़ायें तो पाएंगे कि पगोडा समूह के सामने स्थित छोटा चौक तिब्बती शैली की दस्तकारी की दुकानों से खचाखच भरा है और दुकानदार आवाज लगाते चीज़ें बेचने में मग्न हैं। देशी-विदेशी पर्यटकों की भीड़ इन छोटी-बड़ी दुकानों से होकर मठ की ओर उमड़ती दिखती है। इस तरह इस पवित्र मठ के चारों ओर व्यावसायिक वातावरण पर्याप्त रहता है। इसे देखकर मुझे चिंता हुई कि कहीं यह व्यावसायिक वातावरण और पर्यटकों की भीड़ इसकी धार्मिक पवित्रता को तो भंग नहीं करेगी। पर इस मठ के दौरे से मेरी यह चिन्ता दूर हो गयी।