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दसवें पंचेन लामा के निर्वाण की 30वीं वर्षगांठ पर देश में गतिविधियों का आयोजन

2019-02-12 15:32:00

दसवें पंचेन लामा

चीन में व्यापक सम्मान प्राप्त स्वर्गीय राज्य नेता, दसवें पंचेन लामा के निर्वाण की 30वीं वर्षगांठ पर अनेक गतिविधियों का आयोजन किया गया। तीस साल पहले 28 जनवरी 1989 को दसवें पंचेन लामा का तिब्बत के शिगाज़े शहर के ताशिलुनपो मंदिर में निर्वाण हुआ। दसवें पंचेन लामा ने मातृभूमि के एकीकरण और जातीय एकता की रक्षा करने, समाजवादी निर्माण को बढ़ावा देने तथा धार्मिक अनुयायियों के कल्याण की गारंटी के लिए जिन्दगी भर प्रयास किया था। चीन में विभिन्न जगतों के सूत्रों और आम लोगों ने उन के महान योगदान का उच्च मूल्यांकन किया है।

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा शहर में आयोजित स्मृति सभा में चीनी बौद्ध संघ की तिब्बती शाखा के नेता सोलांग रिगज़ेन ने कहा कि दसवें पंचेन लामा ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ ईमानदारी से सहयोग किया और देश के एकीकरण के लिए अद्भुत योगदान पेश किया। दसवें पंचेन लामा अकसर दूसरों को जन कल्याण को बढ़ाने के उद्देश्य में बौद्ध धर्म का अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित किया करते थे।

दसवें पंचेन लामा ने चीनी इतिहास के विशेष काल में अपना जीवन बिता दिया। उन्होंने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के स्वर्गीय नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध कायम किये। उनमें दसवें पंचेन लामा के आदरणीय नेता चाओ एनलाई के साथ बनायी हुई मैत्री का उल्लेख करने योग्य है। नये चीन की स्थापना के बाद पंचेन लामा ने तुरंत ही नव स्थापित केंद्रीय जन सरकार के समक्ष एक टेलीग्राम भेजकर समर्थन प्रकट किया। सन 1951 की 27 मई को पंचेन लामा अपने खेनपो के सदस्यों के साथ पेइचिंग जा पहुंचे थे। नये चीन की सरकार के प्रधानमंत्री चाओ एन लाई ने उन के स्वागत में एक भोज दिया। दोनों को एक दूसरे के दयालु और सामंजस्यपूर्ण आचरण से गहरी छाप लगी थी। दोनों ने जन जीवन, हान और तिब्बती जातीयों की एकता, चीनी क्रांति की विजय, तिब्बती क्षेत्र के भविष्य तथा दलाई लामा और पंचेन लामा दो जीवित बुद्धों के बीच संबंधों आदि के विषयों पर गहन रूप से बातचीत की थी। प्रधानमंत्री चाओ एन लाई के नेतृत्व में केंद्र और तिब्बती स्थानीय सत्ता के बीच वार्ता सुभीते से समाप्त हुई थी और दोनों के बीच तिब्बत की शांतिपूर्ण मुक्ति पर समझौता संपन्न हुआ था। सन 1954 के सितंबर में चीन लोक गणराज्य की प्रथम जन प्रतिनिधि सभा पेइचिंग में आयोजित हुआ और पंचेन लामा को सभा की स्थायी कमेटी का सदस्य निर्वाचित किया गया था। इस के बाद उन्हें देश के जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन का उपाध्यक्ष निर्वाचित हुआ था। इस के बाद दसवें पंचेन लामा ने आदरणीय प्रधानमंत्री चाओ एन लाई के मार्गनिर्देशन में देश में एकीकरण कायम करने, तिब्बते के समाजवादी निर्माण को बढ़ावा देने और तिब्बत में आम लोगों व बौद्ध विश्वासियों के कल्याण की गारंटी के लिए आजीवन योगदान किया।