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गांव वालों द्वारा अभिनय चलाया गया नाट्य "राजकुमारी वेनछंग"

2019-10-08 15:32:00

नाटक "राजकुमारी वेनछंग" में ऐसे गाते हैं कि "दुनिया में कोई सूदूर जगह नहीं है, सभी निवास क्षेत्र गृह-नगर ही है।" लोगों को यह सुहावना गीत सुनने के बाद बहुत गहरी छाप लगी है। नाटक "राजकुमारी वेनछंग" चीन के थांग राजवंश के समय में राजकुमारी वेनछंग और तिब्बती राजा सॉन्गज़न गैंबू की शादी की कहानी से आधारित है। थांग राजवंश की शैली वाली गीत-नृत्य, तिब्बती नृत्य और तिब्बती ओपेरा समेत दर्जनों अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की शामिली हो गयी है। और इस नाटक के प्रदर्शन में पारंपरिक गीत-संगीत और आधुनिक नृत्य के तत्व भी नजर आ गये हैं। नाटक चीन के भीतरी इलाके तथा ल्हासा शहर के सांस्कृतिक समूह के द्वारा संयुक्त रूप से रचित किया गया है। और यह भी चर्चित है कि नाटक के प्रदर्शन से न केवल पारंपरिक संस्कृति का विकास किया गया है, बल्कि तिब्बत में गरीबी उन्मूलन के कार्यों में भी बड़ी मदद मिली है। क्योंकि इस नाटक के अभिनेताओं में कई सौ स्थानीय लोग भी शामिल हैं। सांस्कृतिक कंपनी के प्रचारक ली चाओ-ह ने कहा कि नाटक के प्रदर्शन में भाग लेने वाले तिब्बती लोग पेशेवर तो नहीं हैं, पर उनका गाना नाचना पसंद होने के लिए प्राकृतिक स्वभाव है। "राजकुमारी वेनछंग" नाटक के प्रदर्शन में कई सौ एक्स्ट्रा अभिनेताओं की भागीदारी चाहिए। जो मंच पर गाते, नाचते और पृष्ठभूमि के पात्र निभाते हैं। एक्स्ट्रा अभिनेता होने के नाते मजबूत कौशल की आवश्यकता नहीं है, और वे अपने अवकाश के समय यह काम कर सकते हैं। इसलिए नाटक के प्रदर्शन में भाग लेने वाले तिब्बती लोग अपने परिवार के लिए कुछ इंकम कमा सकते हैं। ली ने कहा,“नाटक के प्रदर्शन में भाग लेना यहां के आम लोगों के लिए आसान है। और यह काम करने के लिए तकनीकी कौशल की आवश्यकता भी नहीं चाहिये। नाटक के प्रदर्शन से बहुत सारे रोजगार के मौके पैदा किये गये हैं, लोगों की आय भी स्थिर है। इसमें एक और फायदा है कि लोग दिन के समय श्रम कर सकते हैं, रात को मंच में अभिनेता का काम कर सकते हैं। इस तरह उन्हें डबल इंकम कमा सकते हैं।”