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गांव वालों द्वारा अभिनय चलाया गया नाट्य "राजकुमारी वेनछंग"

2019-10-08 15:32:00

उधर 22 वर्षीय लड़की दचेन द्रोकर मध्य चीन के हूनान प्रांत के नॉनफेरस मेटल्स टेक्निकल कॉलेज से स्नातक हुई है। गांव में वापस होने के बाद अब वह सिविल सेवक की परीक्षा के लिए तैयारी कर रही है। अवकाश के समय वह भी थिएटर में अभिनेता के रूप में काम कर रही है। दचेन ने कहा, "मुझे नाचना पसंद है, और दोस्तों के साथ खेलने में बहुत खुशी है। इस के अलावा प्रति माह कई हजार युआन की आय भी है।" पता चला है कि नाटक राजकुमारी वेनछंग में गांव वालों के याक, घोड़े और बकरी आदि जानवरों की शिरकत भी चाहिये। और जानवरों के प्रदर्शन के लिए भी गांव वालों को पेमेंट दी जाती है। बताया गया है कि नाटक "राजकुमारी वेनछंग" का प्रदर्शन शुरू होने के बाद से कुल चार हजार लोगों ने भिन्न भिन्न रूप में इस कार्य में भाग लिया है। सांस्कृतिक कंपनी के प्रचारक ली चाओ-ह ने कहा कि नाटक के प्रदर्शन से स्थानीय क्षेत्रों के रोजगार और गरीबी उन्मूलन को भी बहुत बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा,“हमारे कार्य से स्थानीय रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और अनुमान है कि एक युआन के बॉक्स ऑफिस से चार युआन का उत्पादन मूल्य उत्पन्न किया जा सकता है। मिसाल के तौर पर यातायात, टिकटिंग, अभिनेता का प्रदर्शन, खानपान और आवास इत्यादि, इस परियोजना के संचालन से कई हजार लोगों के रोजगार को बढ़ाया जा सकता है।”

राजकुमारी वेनछंग की कहानी

राजकुमारी वेनछंग की कहानी प्राचीन काल के थांग राजवंश के काल से आज तक पूरे चीन में बहुत प्रचलित है। ईसा 7वीं शताब्दी में तिब्बती पठार के शासक तिब्बती राजा सॉन्गज़न गैंबू ने केंद्र शासन के थांग राजवंश के साथ परम मित्र संबंध कायम किये थे और इसके बदले में थांग राजवंश के महाराजा ने राजकुमारी वेनछंग को तिब्बती राजा सॉन्गज़न गैंबू से शादी करवाने का फैसला लिया। इस राजनीतिक शादी से थांग राजवंश और तिब्बती पठार के राज्य के बीच संबंधों को बहुत नजदीक खींचा गया था।