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चीन के सुधार और खुलेपन की प्रक्रिया अपरिवर्तनीय है:केन्याई विद्वान

2019-01-21 10:03:00

वर्ष 2018 चीन के सुधार और खुलेपन की नीति लागू करने का 40वां वर्ष था। इधर के वर्षों में चीन और अफ्रीका के बीच व्यापार लगातार बढ़ने से अफ्रीका के कुछ देशों को चीन के कार्यक्रम से विकास का अनुभव मिला। केन्या के विद्वानों का विचार है कि चीन के सुधार और खुलेपन की प्रक्रिया अपरिवर्तनीय है। अफ्रीकी देशों को चीन के खुलेपन से विकास का मौका मिला।

केन्या के अफ्रीकी अमेरिका अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के अफ्रीकी सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ, चीनी समस्या अनुसंधान विद्वान स्टीफन न्दकवा का विचार है कि चीन का सुधार और खुलापन अभूतपूर्व है। तेज़ी से बढ़ रहे चीनी अर्थतंत्र ने बहुत बड़ा चमत्कार कर दिखाया है और इससे विश्व को मौका भी मिला है। हमने देखा है कि विश्व विकास की प्रक्रिया में चीन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने को तैयार है।

स्टीफ़न न्दकवा ने कहा कि अफ्रीका की तरह, चीन ने एक टेढ़े-मेढ़े इतिहास का अनुभव किया है। वास्तव में चीन को अभी भी एक विकासशील देश माना जाता है। लेकिन 40 वर्ष पहले चीन मुख्य रूप से कृषि अर्थव्यवस्था पर आधारित देश था। अब वह अमेरिका के बाद का दूसरा बड़ा आर्थिक समुदाय बन गया है। चीन के खुलेपन की प्रक्रिया अपरिवर्तनीय है। आज चीन 120 से अधिक देशों और क्षेत्रों का प्रमुख व्यापारिक भागीदार है, जो मुख्य रूप से नवोदित और विकासशील देशों के आर्थिक समुदाय हैं।

जैसा स्टीफ़न न्दकवा ने कहा, चीन के सुधार और खुलेपन की नीति से अफ्रीका के विकासशील देशों को विकास का अवसर मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि अफ्रीका में चीन का पूंजी निवेश एक खरब अमेरिकी डॉलर से भी अधिक रहा, चीन के 3 हज़ार से अधिक उद्यमों ने अफ्रीका में अपने व्यवसाय का विकास किया, जिनमें से अधिकांश निजी उद्यम हैं और अपेक्षाकृत कम समय में चीन को यह सफलता मिली, जिससे चीन और अफ्रीका के बीच सहयोग की आकर्षण शक्ति और अनिवार्यता दिखी है।